मानगो नगर निगम को ‘प्राइवेट लिमिटेड कंपनी’ की तरह चलाया जा रहा, 2029 चुनाव के लिए काम कर रहे कुछ अफसर: सरयू राय
जमशेदपुर: जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मानगो नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि निगम जनहित के बजाय “प्राइवेट लिमिटेड कंपनी” की तरह संचालित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि नगर निगम के कुछ अधिकारी वर्ष 2029 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए एक खास व्यक्ति को लाभ पहुंचाने की नीयत से कार्य कर रहे हैं। यह आरोप उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड), भाजपा, लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) और आजसू के समर्थन से आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान लगाए।
📌 मुख्य बातें
- सरयू राय ने मानगो नगर निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए।
- 38 विकास योजनाओं के शिलान्यास के बावजूद काम शुरू नहीं होने का आरोप।
- अधिकारियों पर राजनीतिक एजेंडे के तहत काम करने का दावा।
- गोपनीय दस्तावेज बाहरी व्यक्ति तक पहुंचने की जांच की मांग।
- नगर निगम में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील।
नगर निगम की कार्यशैली पर लगाए गंभीर आरोप
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सरयू राय ने कहा कि नगर निगम का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, लेकिन वर्तमान कार्यशैली से ऐसा प्रतीत होता है कि इसका संचालन कुछ लोगों के इशारों पर हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम को सार्वजनिक संस्था की बजाय एक निजी कंपनी की तरह चलाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि अधिकारी किसी राजनीतिक एजेंडे के तहत कार्य कर रहे हैं तो यह प्रशासनिक निष्पक्षता के विपरीत है और इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
38 विकास योजनाओं के क्रियान्वयन पर उठाए सवाल
सरयू राय ने कहा कि 38 विकास योजनाओं का शिलान्यास होने के बावजूद उनका क्रियान्वयन नहीं हो सका है। उन्होंने सवाल किया कि जब योजनाओं की आधारशिला रखी जा चुकी है तो उन्हें धरातल पर उतारने में आखिर बाधा क्या है।
उन्होंने कहा कि जनता विकास कार्यों की प्रतीक्षा कर रही है, लेकिन नगर निगम की निष्क्रियता के कारण योजनाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस और गोपनीय दस्तावेजों की जांच की मांग
विधायक ने हाल ही में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का जिक्र करते हुए कहा कि प्रेस वार्ता करने वाला व्यक्ति नगर निगम का कर्मचारी नहीं है। इसके बावजूद उसके पास नगर निगम के कथित गोपनीय दस्तावेज कैसे पहुंचे, इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी बाहरी व्यक्ति तक गोपनीय दस्तावेज पहुंचे हैं तो यह गंभीर विषय है और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
सरकारी धन के दुरुपयोग का लगाया आरोप
सरयू राय ने आरोप लगाया कि सरकार से मिलने वाली ग्रांट और करदाताओं के धन का समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि कई विकास योजनाएं अधूरी हैं, जबकि उनके नाम पर धन खर्च दिखाया गया है।
उन्होंने नालों की सफाई का उदाहरण देते हुए कहा कि वास्तविक सफाई लगभग 10 प्रतिशत ही हुई, जबकि भुगतान पूरे कार्य का कर दिया गया। उनके अनुसार यदि ऐसा हुआ है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
नगर विकास मंत्री को दिया सुझाव
उन्होंने बताया कि नगर विकास मंत्री को नगर निगम के कार्यों को दो भागों में विभाजित करने का सुझाव दिया गया है। पहला भाग नागरिक सुविधाओं से जुड़े दैनिक कार्यों का तथा दूसरा विकास योजनाओं का हो, ताकि निगरानी और जवाबदेही बेहतर हो सके। हालांकि उन्होंने कहा कि इस सुझाव पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
पार्षदों की नाराजगी का भी किया जिक्र
सरयू राय ने दावा किया कि नगर निगम की कार्यशैली से कई पार्षद असंतुष्ट हैं और उन्होंने अलग समूह बना लिया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना नहीं, बल्कि नगर निगम की कार्यप्रणाली में सुधार और विकास कार्यों को गति देना है।
ठेकेदारों और अधिकारियों पर भी लगाए आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ठेकेदार अपनी कमियों को छिपाने के लिए अधिकारियों को पैसे देते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अपर नगर आयुक्त उनके पत्रों का जवाब नहीं देते, जबकि जनप्रतिनिधियों के पत्रों का उत्तर देना प्रशासनिक दायित्व है।
अन्य नेताओं ने भी साधा निशाना
धरने में भाजपा नेता अभिनव सिंह ने कहा कि यदि विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं तो मेयर को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। आजसू जिलाध्यक्ष कन्हैया सिंह ने आरोप लगाया कि नगर निगम बनने के बाद विकास कार्यों की गति धीमी हुई है। वहीं पूर्व मेयर प्रत्याशी संध्या सिंह ने मेयर सुधा गुप्ता की कार्यशैली और पानी के टैंकर संचालन को लेकर भी सवाल उठाए।
धरना-प्रदर्शन में रवींद्र सिंह सिसौदिया, पवन सिंह, अमृता मिश्रा, उषा यादव, शिरीन अख्तर, ममता सिंह, आफताब अहमद सिद्दिकी, सतीश सिंह, कुलविंदर सिंह पन्नू, लालू गौड़, प्रवीण सिंह, अजय कुमार, विकास साहनी सहित बड़ी संख्या में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
नोट: इस समाचार में उल्लिखित आरोप संबंधित नेताओं द्वारा धरना-प्रदर्शन के दौरान लगाए गए हैं। इस संबंध में मानगो नगर निगम या संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी। प्रतिक्रिया मिलने पर समाचार को अपडेट किया जाएगा।