गढ़वा में वन पट्टा विवाद ने लिया हिंसक रूप, दो पक्षों में चली लाठी-डंडे और पत्थर

गढ़वा के कुसमही गांव में वन पट्टा विवाद के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीण और पुलिस

गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले के मेराल थाना क्षेत्र स्थित कुसमही गांव में गढ़वा वन पट्टा विवाद रविवार को हिंसक झड़प में बदल गया। वन अधिकार पट्टा की भूमि को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके बाद दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे और पत्थर चले। घटना में कई लोग घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।

📌 मुख्य बातें

  • गढ़वा के कुसमही गांव में वन पट्टा विवाद हिंसक हुआ।
  • दो पक्षों के बीच लाठी-डंडे और पत्थर चले।
  • कई ग्रामीण घायल, पुलिस ने पहुंचकर हालात संभाले।
  • घायलों को गढ़वा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
  • पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी, गांव में तनाव बरकरार।

पौधारोपण को लेकर शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, विवाद सामुदायिक वन भूमि पर पौधारोपण को लेकर शुरू हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि सामुदायिक पट्टे की जमीन पर लगाए गए फलदार पौधों को उखाड़कर वहां बांस लगाए जा रहे थे। वहीं, व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टा की भूमि पर गड्ढे खोदे जाने का भी विरोध किया गया।

इसी मुद्दे पर आदिम जनजाति कोरवा और परहिया समुदाय के लोगों तथा वन विभाग से जुड़े पक्ष के बीच कहासुनी हुई। देखते ही देखते विवाद हिंसक झड़प में बदल गया।

दोनों पक्षों में जमकर हुई मारपीट

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। इस दौरान कई ग्रामीण घायल हो गए। सूचना मिलते ही मेराल थाना प्रभारी विष्णुकांत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात पर नियंत्रण पाया।

गंभीर रूप से घायल लोगों को पुलिस वाहन से गढ़वा सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।

वर्ष 2011 और 2025 में मिला था वन अधिकार पट्टा

बताया जाता है कि कुसमही गांव के आदिम जनजाति परिवारों को वर्ष 2011 में व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टा तथा वर्ष 2025 में सामुदायिक वन अधिकार पट्टा प्रदान किया गया था। नियमों के अनुसार व्यक्तिगत पट्टे वाली भूमि पर लाभुक खेती करते हैं, जबकि सामुदायिक भूमि पर वन संरक्षण और पौधारोपण का कार्य किया जाता है। इसके लिए ग्राम सभा का भी गठन किया गया है।

गांव में तनाव, पुलिस कर रही निगरानी

घटना के बाद कुसमही गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और क्षेत्र में लगातार निगरानी रखे हुए है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

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