जमशेदपुर न्यूज़: साकची आमबागान में दिखा भारतीय गिरगिट, दुर्लभ जीव को देखने उमड़ी भीड़

साकची आमबागान में देखा गया भारतीय गिरगिट

जमशेदपुर: शहर के साकची स्थित आमबागान क्षेत्र में गुरुवार को उस समय लोगों की भीड़ जुट गई, जब एक व्यक्ति के पास भारतीय गिरगिट (इंडियन कैमेलियन) देखा गया। इस दुर्लभ और अनोखे सरीसृप को देखने के लिए आसपास के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। कई लोगों ने पहली बार इस जीव को इतने करीब से देखा और उसके बारे में जानकारी लेने में रुचि दिखाई। वहीं, कई लोगों ने इसकी तस्वीरें और वीडियो अपने मोबाइल फोन में कैद किए।

साकची में भारतीय गिरगिट को देखने जुटे लोग

भारतीय गिरगिट के दिखने की खबर फैलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचने लगे। कई लोगों ने इस दुर्लभ जीव को पहली बार करीब से देखा। लोगों में इसे लेकर उत्सुकता साफ दिखाई दी और बड़ी संख्या में लोगों ने इसकी तस्वीरें व वीडियो बनाए।

रंग बदलने की अद्भुत क्षमता

भारतीय गिरगिट अपनी त्वचा का रंग बदलने की अनोखी क्षमता के लिए जाना जाता है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार यह केवल वातावरण में खुद को छिपाने के लिए ही नहीं, बल्कि शरीर का तापमान नियंत्रित करने, अपनी मनःस्थिति व्यक्त करने और अन्य गिरगिटों से संवाद स्थापित करने के लिए भी रंग बदलता है।

शिकार करने का अनोखा तरीका

यह सरीसृप मुख्य रूप से पेड़ों, झाड़ियों और वन क्षेत्रों में पाया जाता है। इसकी लंबी और चिपचिपी जीभ बेहद तेज गति से बाहर निकलती है, जिससे यह कीड़े-मकोड़ों, टिड्डों और छोटे जीवों का आसानी से शिकार कर लेता है।

इसकी आंखों की सबसे खास विशेषता यह है कि वे अलग-अलग दिशाओं में स्वतंत्र रूप से घूम सकती हैं। इससे यह एक ही समय में चारों ओर नजर रखते हुए शिकार और संभावित खतरे पर निगरानी बनाए रखता है।

पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण है भारतीय गिरगिट

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय गिरगिट पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण जीव है। यह कीटों की संख्या नियंत्रित कर प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।

विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भारतीय गिरगिट या अन्य वन्यजीव दिखाई दें, तो उन्हें किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचाएं। साथ ही इसकी सूचना वन विभाग को दें, ताकि उसे सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके।

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