महिला होमगार्ड को पांच माह से मानदेय नहीं मिला, एमजीएम अस्पताल में रोते हुए बोलीं— “पैसा दिलवा दीजिए, नहीं तो हम मर जाएंगे”

जमशेदपुर एमजीएम अस्पताल में बकाया मानदेय को लेकर रोती महिला होमगार्ड जवान

जमशेदपुर: एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शनिवार सुबह महिला होमगार्ड मानदेय नहीं मिला मामला सामने आया। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात महिला होमगार्ड जवान को जब पता चला कि पांच माह से लंबित मानदेय का भुगतान अगले सप्ताह भी नहीं होगा, तब वह मानसिक रूप से टूट गईं। आर्थिक तंगी और गंभीर बीमारी से जूझ रही महिला रोते हुए बोलीं, “हमको पैसा दिलवा दीजिए, नहीं तो हम मर जाएंगे।”

📌 मुख्य बातें

  • पांच माह से बकाया मानदेय नहीं मिलने से महिला होमगार्ड भावुक हुईं।
  • आर्थिक तंगी के कारण जरूरी ऑपरेशन नहीं करा पा रहीं।
  • साथी जवानों ने समझाकर आत्मघाती कदम उठाने से रोका।
  • एक सप्ताह पहले भी अस्पताल में समान घटना सामने आई थी।
  • लगातार बढ़ रहा आर्थिक और मानसिक संकट चिंता का विषय बना।

मानदेय नहीं मिलने से मानसिक रूप से टूट गईं

जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब नौ बजे महिला को सूचना मिली कि अगले सप्ताह भी बकाया मानदेय मिलने की संभावना नहीं है। यह सुनते ही वह फूट-फूटकर रोने लगीं। इसके बाद उन्होंने कहा कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो वह अस्पताल की छत से कूदकर आत्महत्या कर लेंगी।

बीमारी और आर्थिक संकट ने बढ़ाई परेशानी

बोड़ाम थाना क्षेत्र निवासी फूलकुमारी ने बताया कि वह पिछले लगभग छह माह से रीढ़ के पास असहनीय दर्द से पीड़ित हैं। इलाज के लिए उन्होंने एमजीएम अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों का भी सहारा लिया। बाद में वह पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में एक चिकित्सक से उपचार करा रही हैं। डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण इलाज संभव नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने बताया कि जब इलाज के लिए पति से पैसे मांगे तो जवाब मिला कि मानदेय मिलने पर उसी राशि से इलाज करा लें। यह सुनकर वह पूरी तरह टूट गईं।

साथी जवानों ने संभाला

घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसके बाद कई होमगार्ड जवान मौके पर पहुंचे और महिला को अस्पताल के पूछताछ केंद्र में बैठाकर काफी देर तक समझाया। इस दौरान कई साथी जवान भी भावुक हो गए और उनकी आंखें नम हो गईं।

पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना

गौरतलब है कि करीब एक सप्ताह पहले भी एमजीएम अस्पताल में कार्यरत एक अन्य महिला होमगार्ड ने मानसिक तनाव के चलते फिनाइल पीकर आत्महत्या का प्रयास किया था। हालांकि इलाज के बाद वह स्वस्थ होकर दोबारा ड्यूटी पर लौट चुकी हैं।

लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं इस ओर संकेत कर रही हैं कि महीनों से बकाया मानदेय के कारण होमगार्ड जवान गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे हैं। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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