जमशेदपुर न्यूज़: स्कूलों के पास फेंकी गईं इस्तेमाल की गई सिरिंजें, बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
जमशेदपुर: जमशेदपुर में सार्वजनिक स्वास्थ्य और सफाई व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। शहर के दो प्रमुख स्कूल—कार्मेल जूनियर कॉलेज और उत्क्रमित मिथिला उच्च विद्यालय—के पास सड़क किनारे बड़ी संख्या में इस्तेमाल की गई इंजेक्शन की सिरिंजें और सुइयां मिली हैं। इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों विद्यार्थी, अभिभावक और स्थानीय लोग गुजरते हैं।
मेडिकल कचरे के गलत निस्तारण की आशंका
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस्तेमाल की गई मेडिकल सिरिंजों को खुले में फेंकना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। आशंका है कि आसपास के किसी क्लिनिक या स्वास्थ्य केंद्र से बायोमेडिकल वेस्ट का गलत तरीके से निस्तारण किया गया है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
संक्रमण फैलने का बढ़ सकता है खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, इस्तेमाल की गई सिरिंज और सुइयां बायोमेडिकल वेस्ट की श्रेणी में आती हैं। ऐसे कचरे का सुरक्षित संग्रह, अलग पैकिंग और अधिकृत एजेंसी के माध्यम से निस्तारण अनिवार्य है। सार्वजनिक स्थानों पर इन्हें फेंकना नियमों का उल्लंघन माना जाता है और इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता
सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि कोई बच्चा या राहगीर गलती से इन सुइयों के संपर्क में आ जाए या सुई चुभ जाए, तो गंभीर स्वास्थ्य जोखिम उत्पन्न हो सकता है। स्कूलों के आसपास इस तरह का मेडिकल कचरा मिलना प्रशासन और संबंधित विभागों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने जमशेदपुर प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) से मामले की तत्काल जांच कराने, जिम्मेदार संस्थान की पहचान करने तथा पूरे क्षेत्र की तुरंत सफाई कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो और स्कूली बच्चों सहित आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।