जमशेदपुर न्यूज़: पंजाब के कारोबारी से 3.08 लाख की साइबर ठगी, जमशेदपुर पुलिस ने गिरोह के दो आरोपी दबोचे

साइबर ठगी मामले में गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी देते पुलिस अधिकारी

जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब के एक कारोबारी से 3.08 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड और डिजिटल लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। वहीं गिरोह के एक अन्य फरार सदस्य की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।

फर्जी लिंक भेजकर खाते से उड़ाए 3.08 लाख रुपये

सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि 7 जुलाई को बिष्टुपुर स्थित साइबर क्राइम थाना को एनसीसीआरपी (NCCRP) पोर्टल के प्रतिबिंब ऐप के माध्यम से शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ता पंजाब के पटियाला निवासी कारोबारी करण जैन ने बताया कि उनके मोबाइल पर एक फर्जी लिंक भेजा गया था। लिंक पर क्लिक करते ही साइबर अपराधियों ने उनकी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली और उनके खाते से 3 लाख 8 हजार रुपये निकाल लिए।

विशेष जांच दल ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुसाबनी डीएसपी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। तकनीकी शाखा की मदद से पुलिस ने डुमरिया थाना क्षेत्र के खैरबनी, बॉकीशोल निवासी विकास बारिक (20) और अजय कुमार नायक उर्फ सोनू नायक (31) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान दोनों ने साइबर ठगी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।

फरार आरोपी की तलाश जारी

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि घाटशिला के दहीगोड़ा निवासी कृष्णा ओझा भी गिरोह का सक्रिय सदस्य है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

मोबाइल, एटीएम कार्ड और बैंकिंग दस्तावेज जब्त

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने साइबर ठगी में प्रयुक्त मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड तथा अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए। मोबाइल फोन में मिले गूगल पे ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच में कई संदिग्ध लेन-देन सामने आए, जिसके बाद सभी उपकरण और दस्तावेज जब्त कर लिए गए।

विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज

इस मामले में डुमरिया थाना कांड संख्या-11/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट की धारा 66(C) और 66(D) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में दोनों आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है। हालांकि उनके बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने अन्य राज्यों में भी इसी तरह की साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं।

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