जमशेदपुर न्यूज़: साकची का जर्जर शंकर भवन बना खतरा, कार्रवाई का इंतजार
जमशेदपुर: शहर के सबसे व्यस्त इलाके साकची गोलचक्कर के समीप स्थित जर्जर शंकर भवन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। धालभूम अनुमंडल के कार्यपालक पदाधिकारी ने करीब दो वर्ष पहले इसे असुरक्षित घोषित किया था। उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी को इस भवन को तत्काल ध्वस्त करने की सिफारिश भेजी थी। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
व्यस्त बाजार और टेम्पो स्टैंड के पास संचालित हो रही हैं दुकानें
इस खतरनाक भवन की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। इसके बावजूद भवन के भूतल पर अब भी करीब आधा दर्जन दुकानें धड़ल्ले से संचालित हो रही हैं। यहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में आम लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। साकची गोलचक्कर और उससे सटे टेम्पो स्टैंड के कारण इस पूरे क्षेत्र में दिनभर भारी भीड़ रहती है। इस वजह से यहाँ किसी भी संभावित हादसे की आशंका और अधिक बढ़ जाती है।
लक्ष्मी भवन मामले के बाद भी स्थानीय प्रशासन बेपरवाह
हाल ही में झारखंड उच्च न्यायालय ने बिष्टुपुर स्थित लक्ष्मी भवन की जर्जर स्थिति पर संज्ञान लेकर सख्त रुख अपनाया था। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है कि जब सरकारी अधिकारी स्वयं इस भवन को जोखिमपूर्ण मान चुके हैं, तो ध्वस्तीकरण की अनुशंसा पर अमल क्यों नहीं हुआ? क्या जिला प्रशासन और संबंधित विभाग किसी बड़े हादसे तथा निर्दोष लोगों की जान जाने का इंतजार कर रहे हैं? शहर में ऐसे कई अन्य भवन भी हैं, जहाँ सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन हो रहा है।